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Chairman Message
आज का युग वैश्वीकरण का युग है| अन्तर्राष्ट्रीय परिदृश्य पर भारत की अस्मिता बनाने के लिए, भारतीय संस्कृति का ज्ञान प्राप्त करना और उसके शाश्वत मूल्यों को जीवन में ग्रहण करना प्रत्येक भारतीय का पावन कर्तव्य है| किसी राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना का उद्गम शिक्षण संस्थाएँ होती है भारतीय संस्कृति की गुरुकुल परंपरा इसका जीवंत प्रमाण है। इसी परम्परा का एक अंग यह महाविद्यालय है, जहाँ पिछले पांच दशकों से इतिहास, साहित्य, संगीत, कला, और विज्ञान की समन्वित धारा प्रवाहमान है। इस धारा के ज्ञानजल से लाखों ज्ञानपिपासुओं ने अपनी प्यास बुझाकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान किया है। आशा करता हूँ कि महाविद्यालय आत्मशक्ति, नैतिकताबोध और सदाचरण की अपनी अक्षुण्ण परंपरा बनाये रखेगा।
                                   शुभकामना सहित .......

श्री     
(अध्यक्ष)